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उस बेवफा पर भरोसा करके

उस बेवफा पर भरोसा करके जो मैंने दर्द झेला है उसे बता नहीं सकता अपनी इज्जत को और ज्यादा मिट्टी में मिला नहीं सकता मेरे ऊपर सब लोग हंसते हैं और ज्यादा आंसू बहा नहीं सकता 

उनका और इंतजार करना नादानी है

उनका और इंतजार करना नादानी है लौट कर आना होता तो अब तक आ चुके होते हैं उनको बेवफा कहना भी ठीक नहीं है जब तक उनसे मिलकर उनके इरादों को समझ नहीं लेते

आपको पाने की चाहत

आपको पाने की चाहत दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है हम ख्वाहिशों के समंदर में उतरते जा रहे हैं हम आपके हुस्न और अदा के इस तरह दीवाने हुए आप को देखे बिना बेचैन रहने लगा हूं