सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

रह रह कर उस बेवफा की याद आती है

रह रह कर उस बेवफा की याद आती है उसके वादों को सोचता हूं तो यकीन नहीं होता खुश रखने को उसको कर्ज इतना ज्यादा किया जिंदगी मेरी तबाह हो गई

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

हिंदी लव शायरी | Hindi love shayari

बदले हुए इरादे से हैरान हूं आखिर वह कसमे वादे कहां खो गए मोहब्बत की पनाहों में अच्छी जिंदगी की ख्वाहिश थी मैं तन्हाई के समंदर में डूब कर रह गया हूं गलतफहमी से प्यार भरी मुस्कान झूठे वादों पर भरोसा हो गया जब सब कुछ लूट कर चली गई तब एहसास हुआ मेरे साथ धोखा हो गया

हमारी मोहब्बत क्या है

 हमारी मोहब्बत क्या है धीरे धीरे समझ जाओगी तोड़कर नफरत की दीवार मेरे करीब आओगे जिस तरह तुमसे बेपनाह मोहब्बत करता हूं यह बेकार नहीं जाएगी जब सही ढंग से मुझको समझ जाओगी